दीदी जी,
ओम शांति
Problem-1.) दीदी की
बार-बार याद आती है।
2.) मेरे कुछ भी नहीं लगते
मेरे, फिर भी इतनी attachment पता नहीं
क्यों है।
3.) ऐसा feel होता है कि मैने कुछ गलत किया है, जिससे मरते
वक्त(शरीर छोड़ते वक्त) भी मेरे को Guilty रहेगी।
कि शायद मैंने कुछ ठीक नहीं किया।
या फिर कुछ गलत Understanding थी।
या फिर मैंने उनका दिल दुखाया
है। मेरे को भी इस चीज का बूरा तो लगता है।
4.) Sorry Sister, अगर कुछ गलत हुआ हो या आपको लगा हो तो।
1. पता नहीं क्या बात है.
वे अच्छे हैं, और अच्छे लोगों
के साथ अच्छा experience ही होना
चाहिए।
तो अब आगे के लिए कोई भी Relation
नहीं रखना है इनके साथ।
जो भी feeling है यहाँ पर express कर दो। कंही और बताने की जरुरत नहीं है। यहाँ
से उनको पहूँच जाएंगी।
हाँ, जैसा भी हूँ पर हूँ तो
बाबा का बच्चा J
· सारी feeling express कर दी है
अब इसके बारे में thoughts भी आने
बंद हो जाएंगे।
· यंहा से मैं Relations की Game
को भी experience कर पाया or
that can be called The Power of Relations..
· सबसे पहले बंदे की Basic-Needs पूरी होनी चाहिए, बाद में ये चीजें आती है। पहले पेट भरा हुआ होना
चाहिए। Basic-Survival…
· पहले अंदर की दुनिया में सब ठीक होना चाहिए, फिर बाहर की दुनिया आती
है उसके बाद।
· सम्पूर्ण स्मर्पण- वाह-वाह।
· शुक्रिया, शिव बाबा।
· Corporate
Man को देखकर मंगलवार वाले दिन, मेरे को भी कुछ करने की Fire लगी। 7.12.21 between 5.30 to 6.30pm.
· अब इस Relation से
अलविदा लेते है।
होहो सकता है कि ये letter लिखते हुए भी कुछ गलती हुई हो।
ये Life है इसमे Ups and Downs तो आने ही होते है, वरना जीने में भी कोई मजा नहीं है।
शायद आज मेरे पास गाड़ी हो और क्या पता कल सड़क पर हूँ, Who Knows... :-)
फोटो ढूंढ रहा था पर नहीं मिली X
बस अब तो
comments में ही इसकी further improvement होगी।
Pta nhi kyu pr aapko dekhkar mere ko Anita didi ki yaad aati hai.
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